व्याकरण भाषा की एक महत्वपूर्ण अंग है जो हमें वाक्यों और शब्दों को सही ढंग से सज़ाने और व्यक्त करने में मदद करता है। अंग्रेजी व्याकरण में एक महत्वपूर्ण विषय है “Conditional Conjunctions”। यह व्याकरण नियम हमें बताते हैं कि किस प्रकार अपेक्षा, शर्त और परिणाम के साथ प्रतिस्पंद या संयोग स्थापित किया जा सकता है। इसलिए, इस लेख में हम अंग्रेजी व्याकरण में “Conditional Conjunctions” के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।
Conditional Conjunctions उन शब्दों या वाक्यांशों को कहते हैं जो दो प्राथमिक युक्ति वाक्यों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। ये वाक्यांश पूर्व की युक्ति वाक्य को पूर्ण करने, सम्प्रेषण करने या अपेक्षा प्रकट करने के स्रोत के रूप में कार्य करते हैं। Conditional Conjunctions वाक्यों को एकदूसरे से जोड़ने में मदद करते हैं, सरल शब्दों में कहें तो ये वाक्यों को लंबी सम्बंधबद्धता के साथ जोड़ते हैं।
सम्बंधबद्धता और अभिव्यंजकता के संयम से ऐसे कई प्रकार के Conditional Conjunctions होते हैं। निम्नलिखित कुछ मामूली Conditional Conjunctions हैं जो प्रयोग में अधिकांशत: होते हैं :
अगर शब्द सबसे आम और सामान्य Conditional Conjunction है जो दिए गए शर्ताधारित वाक्यांश को पूरा करने में उपयोग होता है। अगर की साइकिल वक्री (cyclic) और अभिव्यंजक (transitive) होती है यह अर्थ होता है यह एक ही वाक्य को दो सर्वनामिक भागों में बाँट सकती है और नेतृत्वरूप से किसी व्यर्थ के शब्दों के बिना अद्यतित वाक्य को बना सकती है।
जब तक शब्द अगर से सामान्यत: प्रयुक्त होता है, लेकिन इसकी विशेष प्रस्तुति “एक स्थिति के निष्पादन के लिए शर्तादि एवं परिणामा” में होती है। इसका उपयोग वाक्य को नकारत्मक परिणाम के लिए उपयोग किया जाता है। यह शब्द उपयोगकर्ता को बताने के लिए होता है कि निर्दिष्ट उद्देश्य तक पहुंचने के लिए आवश्यकतानुसार क्या क्रियाएं या नकारात्मक वाक्यांश को पूरा करने का ध्यान दिया जाना चाहिए।
कि शब्द का प्रयोग जब वाक्य की अपेक्षा या सम्मति निर्तात्मक हो, उपयोगकर्ता को बताने या प्रश्न पूछने के लिए किसी भी दृष्टिकोण में किया जाता है। कि शब्द को सटीक मानकों या अवधारित ज्ञान को प्रदर्शित करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
यदि शब्द का उपयोग करते हुए आप दो वाक्यों को जोड़ सकते हैं जहां पहला वाक्य एक शर्त प्रस्तुत करता है और दूसरा वाक्यांश उस शर्त के पुरे होते हुए परिणाम को व्यक्त करता है। यदि शब्द चिन्हित करता है कि दूसरी क्रिया होगी यदि पहली क्रिया होगी यदि पूरा होता है
अगर की तरह, यदि शब्द भी एक निर्धारित शर्त को व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होता है। इसे उपयोगकर्ता को दिखाने के लिए केवल एक शर्त का अवधारण कराता है और उसके पाठ का अभिव्यंजन करता है कि यदि वह शर्त पूरी होती है, तो क्रिया होगी। इसे बार-बार, स्थिति के निर्धारण या कोई अन्य वहम के रूप में कहने की बजाय प्रयुक्त किया जा सकता है।
जब तक शब्द भी शर्त को प्रकट करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग एक निश्चित समय या अवधि को दर्शाने के लिए किया जाता है, आपको बताकर की यदि यदि निर्दिष्ट समय अथवा अवधि तक किसी वाक्यांश का पालन किया जाएगा, तो उस वाक्यांश में दी गई क्रिया होगी।
मामले में एक Conditional Conjunction है जिसे कई अर्थों में प्रयोग किया जाता है। “थोड़े पहले या पहले क्योंकि” के अभिव्यंजन के संदर्भ में भी, तो “अयथाबद्ध/स्थिति या कोई अन्य नुकसान न होने की अवधारणा” के अभिव्यंजन में भी! मामले में में का उपयोग करते वाक्यांश को सांकेतिक रूप से कहता है कि प्राथमिक वाक्यांश बाद में व्यक्त किया गया कार्य संभव या आवश्यक होने पर प्रभावित होता है।
अंग्रेजी व्याकरण में “Conditional Conjunctions” वाक्यांशों को जोड़ने और उन्हें संपूर्ण करने के लिए उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण शब्दों हैं। इन संयोगों के द्वारा हम वाक्यों को अनुकरणीय, पूर्णतापूर्वक और व्यक्तिगत बना सकते हैं। व्याकरण में अच्छी तरह से समझने के लिए, हमें Conditional Conjunctions का उपयोग उदाहरण वाक्यों के माध्यम से अभ्यास करना चाहिए। इससे हमें इन शब्दों का सटीक मतलब और उपयोग प्राप्त हो सकता है।
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